पुण्य कर्मों के यहाँ तुम देखो कई प्रकार,
करना पड़ता उनके लिए कठिनाई का समंदर पार,
पर न मानना तुम कभी भी हार
जो टिका है वही हुआ है भंवर के पार
देश के ईमान के बनो तुम पहरेदार
फिर ये दुनिया कहेगी तुमको भी ईमानदार
आलोचना से न डरना,तुम भरो मजबूत हुंकार
सीखो उस हिमालय से जो झेलता सैकड़ो वार,
फिर भी खड़ा शान से,देखो अचल अडिग ईमानदार।
करना पड़ता उनके लिए कठिनाई का समंदर पार,
पर न मानना तुम कभी भी हार
जो टिका है वही हुआ है भंवर के पार
देश के ईमान के बनो तुम पहरेदार
फिर ये दुनिया कहेगी तुमको भी ईमानदार
आलोचना से न डरना,तुम भरो मजबूत हुंकार
सीखो उस हिमालय से जो झेलता सैकड़ो वार,
फिर भी खड़ा शान से,देखो अचल अडिग ईमानदार।
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