इस देश के संसार के बन जो तुम श्रृंगार
हो सकेगा तभी मुमकिन जब बन जाओगे जिम्मेदार
दृढ़ कर लो संकल्प अपने न मानो कभी तुम हार
एक दिन दुनिया करेगी तुम्हारी ही जय जय कार
हो सकेगा तभी मुमकिन जब बन जाओगे जिम्मेदार
उठा लो चुनोतियो का अपने सर पर भार
कठिनाइयों पर तुम करो साहस से अपने वार
मष्तिस्क के अपने कुविचारों को दो तुम मार
कर लो हौसले बुलंद अपने न मानो कभी तुम हार
हो सकेगा तभी मुमकिन जब बन जाओगे तुम जिम्मेदार ।
Tuesday, 12 September 2017
जिम्मेदारी
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Well written
ReplyDeleteThankyou
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