नारी उपकार है
सत्कार कर
नारी है तो बलिदान है
नारी से उत्थान है
नारी से सृजन है
नारी है तो आंगन गुंजन है
नारी से ही वीरता है
नारी से ही मधुरता है
नारी है तो रोशन
नारी है तो गुलशन
नारी बल है
नारी जल है
नारी थल है
माटी भी नारी
सती भी नारी
धूप भी नारी
छाओं भी नारी
नारी से युवा है
नारी से दुआ है
नारी महान है
घर घर की शान है
नारी वरदान है
नारी का सम्मान कर
नारी को नमस्कार कर
नारी उपकार है
सत्कार कर।
सत्कार कर
नारी है तो बलिदान है
नारी से उत्थान है
नारी से सृजन है
नारी है तो आंगन गुंजन है
नारी से ही वीरता है
नारी से ही मधुरता है
नारी है तो रोशन
नारी है तो गुलशन
नारी बल है
नारी जल है
नारी थल है
माटी भी नारी
सती भी नारी
धूप भी नारी
छाओं भी नारी
नारी से युवा है
नारी से दुआ है
नारी महान है
घर घर की शान है
नारी वरदान है
नारी का सम्मान कर
नारी को नमस्कार कर
नारी उपकार है
सत्कार कर।