शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा नागपुर में आयोजित युग सृजेता युवा संकल्प समारोह 28 जनवरी के दिन समाप्त हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन विभिन्न राज्यों से आए गायत्री परिवार के युवा कार्यकर्ताओं ने अपने अपने छेत्रों में किए नव सृजन के कार्यो तथा उनसे हुए सकारात्मक परिवर्तनो के बारे में लोगो को अवगत कराया। तेलंगाना से आए मुकेश चौहान जी ने अपने छेत्र में चल रहे अश्लीता विरोधी आंदोलन नशामुक्ति आंदोलन के बारे में बताया साथ ही उन्होंने ही उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में हुए अश्वमेध यज्ञ में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने गायत्री परिवार के अभियान से प्रभावित होकर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के निर्माण हेतु 50 एकड़ भूमि दान दी है। हिसार से आए आशीष कौशिक ने अपने जिले में जल्द ही बने शक्तिपीठ, स्वच्छ भारत अभियान तथा सौ के करीब चलने वाले दिव्य कार्यशालाओं के बारे मेंजानकारी दी, साथ ही नेपाल, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि से आए कार्यकर्ताओं ने भी अपने अपने प्रदेश में चल रहे कार्यो की संछिप्त जानकारियां दी। कनाडा, टेक्सास, नई जर्सी, यु एस ए में चल रही गायत्री परिवार के कई आंदोलनों के बारे में जानकारियां दी गयी और यह भी बताया गया कि कैसे तकनीकी का सही प्रोयोग कर के डिजिटल रूप से साधना एवं स्वाध्याय किआ जा सकता है। इसके उपरांत मुख्य अतिथि माननीय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने पुष्पाहार एवं गायत्री परिवार का प्रतीक मंत्र चादर भेंट कर किआ। इसके उपरांत डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने उद्बोधन में सभी राज्यों में हो रहे सकारात्मक बदलाओं को सराहा और सतत आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने यह भी कहा कि गायत्री परिवार देश के साथ अंतिम शवास तक खड़ा है। अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने से माननीय नितिन गडकरी जी को मंच पर आमंत्रित किया। नितिन गडकरी जी ने अपने भाषण में गायत्री परिवार के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार से हमे प्रेरणा लेकर निस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति को महान बताते हुए यह कहा कि भले बाकी देश भारत से अन्य छेत्रों में आगे हो परंतु जब बात संस्कृति की आती है तो कोई भी ऐसा देश नही है जो भारत की तुलना में आगे हो। उन्होंने ने धर्म का मतलब समझते हुए कहा धर्म सिर्फ पूजा पाठ ही नहीं अपितु कर्म है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी देश के विकास के लिए अचार-विचार, अर्थव्यवस्था तथा परिस्थितिकी एवं पर्यावरण का स्वस्थ होना आवश्यक है, जिसकी ओर भारत अग्रसर है। माननीय मंत्री जी ने अपने भाषण में गंगा विकास पर बात करते हुए कहा कि गंगा भारत की धरोहर है और उसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है साथ ही भविष्य में गंगा को लेकर बनाई गई योजनाओं तथा उनसे होने वाले लाभ के बारे में भी संछिप्त जानकारी दी । उन्होंने ने यह भी कहा कि 2019 तक गंगा 90% तक निर्मल हो जाएगी साथ ही उन्होंने ने डॉ. प्रणव पंड्या के साथ मिलकर कार्य करने की बात की। इसके उपरांत डिवाइन इंडिया युथ असोसिएशन के कार्यकर्ताओं को गायत्री परिवार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप मशाल चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
जीवेश नंदन।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय।
जीवेश नंदन।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय।