Saturday, 3 July 2021

ये वादा रहा

आज सुबह अचानक मन मे ख्याल आया कि चलो कुछ लिखा जाए, मन तमाम दिनों से अनगिनत तरंगे उठ रही थी पर वो उस शिखर को नहीं चूम पा रही थी जहां से हम लिखना शूरू कर पाते।

लिखने के लिए कभी कभी आपको एकांत तो कभी ऐसे शोर की आवश्यकता होती है जहाँ आप खुदको भी न सुन सकें।

खैर.. आज हम अपने घर की प्यारी सदस्या बसंती जी को सुबह की सैर करा कर आ रहे थे, मन में कुछ कुलबुलाहट हुई और कुल्ला करते करते हमने सोचा कि लिखा जाए, पर लिखा क्या जाए ये भी सोचा, फिर एक आईडिया आया कि चलो जिस नए नए मोहल्ले में हम रहने आएं है उस पर कुछ लिखा जाए। पर लिखने के लिए और आप सभी को सब ठीक ठीक समझ आये उसके लिए थोड़ा कॉन्टेक्स्ट से रूबरू कराना जरूरी था, देखिए जैसे आपको पता नहीं था कि हम नए मोहल्ले में रहने आये हैं। हमने अपने परिवार में एक नई सदस्या को जोड़ लिया है जिसका नाम बसंती है और वो डॉगी परिवार की फीमेल वर्जन हैं। और साथ ही अपने परिवार की मजबूत स्तम्भ को दो महीने पहले खो भी दिया है... हमारे पिताजी।

जिंदगी चल रही है पर कुछ तो बदरंग है अब कोई बैंक तक दौड़ाने वाला नही है, रेडियो के सेल लेने भेजने वाला कोई नहीं है, घर मे सिर्फ अब 4 थालियां लगती हैं। 

आप सोच रहें होंगे के अपने पिताजी की बातें हम 4 लाइनों में निपटा रहे हैं। सही सोच रहें हैं। एक 22 साल के जवान लड़के के पिताजी के न होने का एहसास हम आपको नहीं कराना चाहते वरना प्रकृति के इस अन्याय को भेदने के लिए शब्दों के ज़हर में पिरोए अनगिनत बाण तरकश में भरें बैठें। लिखने बैठे तो शायद पन्नो पर स्याही से ज्यादा आंसू होंगे पर अब तक दो महीनों में नही रोए, आंसू जहां है उनको वही सुखा दिया है। इन चंद पंक्तियों के पीछे कितना बड़ा संसार छिपा है बस इसकी खबर हमारी कलम को है। 

अपनी डायरी में हमने अभी एक पन्ना और लिखा था पर उसका जिक्र अब नहीं करेंगे।

ख़ैर, हम भी कहाँ लेकर बैठ गए आपको, आपसे वादा करते हैं कि जी तोड़ प्रयत्न करेंगे और आपको कुछ न कुछ जरूर पढ़ाएंगे, ये वादा रहा।

1 comment:

Featured post

Not COOL.

Picture Credit: aliexpress.com What picture comes to your mind when you hear the sentence 'that person is so cool man' ? Most ...